Paypal

RBI नीति से Paypal उपभोक्ताओ और ऑनलाइन जुआरियो  को नुकसान

द्युत गोष्ठियों में यह प्रश्न अक्सर पुछा जाता है कि क्या भारतीय Paypal के माध्यम से जमा कर सकते
है | इस प्रश्न का सामान्य उत्तर है नहीं | अधिकांश शर्त प्रक्रिया साईट जो paypal को जमा प्रणाली के लिए
स्वीकार करती है, इसे कुछ देशो तक सीमित रखती है और उस सूची में भारत नहीं है | यदि संभव होता तब
भी मेरी दृढ राय है कि इस प्रणाली का उपयोग करना समझदारी नहीं होती है | paypal का भारत में काफी
कारोबार है और उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के  नियमो के पालन करने में बहुत मेहनत की है | paypal
के लिए द्युत एक छोटा बाजार है | और निश्चित रूप से वे जुआरियो को सेवा प्रदान कर वे भारत में कानूनी
कठिनाइयों में पड़ने का जोखिम नहीं उठाएंगे |

इस लेख में मैं Paypal और भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों के विषय को विस्तार में संबोधित करूँगा | यद्यपि
आप इस लेख पर संयोगवश आये हो और ऑनलाइन द्युत जमा और प्रत्याहार की अच्छी प्रणालिया ढूंढ रहे हो,
तो मेरा सुझाव है कि लोकप्रिय ई-वाल्लेट Moneybookers और Neteller कि हमारी समीक्षा पढ़े | और यदि
आप ऐसे ई-वाल्लेट कि खोज में हो जिसमे अभी भी भारतीय प्रीपेड वर्चुअल कार्ड के जरिये ऑनलाइन खरीददारी
कर सके तो हमारी Entropay की समीक्षा देखिये |

RBI नीतियाँ भारतीय व्यापार को झटका

यदि आप जानते न हो, भारतीय रिजर्व बैंक हाल ही में उपद्रव मचा रहा है और इस कोशिश में लगा हुआ है कि
भारतीय आसानी से धनराशी ऑनलाइन या अटपट नहीं छिपा सके | फ़रवरी 2010 में बहुत से भारतीय फीलांसर
और कारोबार मालिक स्तब्ध रह गए थे जब RBI 2007 के भुगतान और निबटारा प्रणाली अधिनियम को लागू
करने लगी थी | जबकि इस अधिनियम पर राष्ट्रपति ने दिसम्बर 2007 में हस्ताक्षर किये थे और यह 12 अगस्त
2008 से प्रयोग में है फ़रवरी 2010 में पहली बार इसने हलचल मचाई |

Paypal भुगतान उलट दिए – फ़रवरी 2010

फ़रवरी 2010 के आरम्भ में कई भारतीय व्यव्सयियो ने सुबह उठते ही देखा कि जो Paypal भुगतान उन्हें मिले थे,
और जिनको वे अपने बैंक खातो में अंतरण कर रहे थे, उल्टा दिए गए थे | राशि उन व्यक्तियों को वापस भेजी जा
चुकी थी जिन्होंने भुगतान किया था | हफ्ते भर की व्यापक खलबली के बाद खबर आई कि क्या हो रहा है | पहले
paypal ने घोषणा करी कि एक व्यक्ति ने दुसरे को किये निजी भुगतान भारत में रोके गए है परन्तु व्यापारिक
भुगतान स्वीकृत है | दुर्भाग्यवश यह सूचना उन कई paypal उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी नहीं थी जिनके
व्यापारिक भुगतान उलटे गए थे | बाद में मालूम पड़ा कि यह सब RBI के भुगतान और निबटारा प्रणाली अधिनियम
2007 को लागू करने का नतीजा है |

प्रतीयामंत: भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 जनवरी 2010 नोटिस भेजो आदेश देते हुए कि वह तुरंत भारत से और भारत को
भुगतान रोक दे और भारतीय बेंको से अंतरण भी | द न्यू योर्क टाइम्स में RBI प्रवक्ता का बयान है कि –

“सीमा-पार धनराशि अंतरण सेवा प्रबंधको को भूटान और निबटारा प्रणाली अधिनियम के अधीन रिजर्व
बेंक पूर्व अनुमति लेनी जरुरी है | paypal के पास हमरी अनुमति नहीं है |”

एक महीने से ज्यादा उनकी धनराशि अटकी रहने के बाद, भारतीयों को आखिर मार्च 2010 में राहत मिली जब
paypal भारत में फिर से सेवाए आरम्भ करी | Paypal और RBI के समझोते पर आधारित नै नीति के अनुसार
हर प्रत्याहार करने वाले को एक हेतु कोड भरना अनिवार्य हो गया | मांगने पर paypal  को यह कोड RBI या
भारतीय प्राधिकारियों को देना होगा | उदाहरणतः वेबसाइट चलाने वाले को फीलांस जर्नलिस्म का हेतु कोड
देना होगा | और उपभोक्ताओं के लिए प्रत्याहार कि सीमा निर्धारित करी गई जिसके बाद उनके लिए बिल,
कारोबारी दस्तावेज और PAN कार्ड देना अनिवार्य हो गया |

नए RBI दिशा-निर्देश Paypal उपभोक्ता के लिए ज्यादा परेशानी

जनवरी 2011 के अंत में paypal ने उनके उपभोक्ता समझौते में तब्दीली करी कि मार्च 1, 2011 से
निम्नलिखित नियम सब भारतीय खाते धारियों को लागू होंगे –
1) सब भारतीयों के लिए उनका paypal खाता इस्तेमाल करने के लिए PAN कार्ड और स्रोत
कोड फाइल में होना जरुरी है |
2) भारत के बाहर से $500 से अधिक की राशि का भुगतान नहीं हो सकेगा |
3) भारतीयों को paypal द्वारा मिले भुगतान जबरन 7 दिनों में अपने बैंक खातो में अंतरण करने होंगे |
यह नियम अनुबंध करता है कि धनराशि कही और खर्च नहीं हो सकती | भारतीयों को, जो paypal द्वारा
खर्च करना चाहते हो, क्रेडिट कार्ड या बैंक खाते से राशि अपलोड करनी होगी क्यों कि मिले हुए भुगतान
को बैंक खाते में अंतरण करना अनिवार्य है – वे जमा या कही और खर्च नहीं करे जा सकते |

Paypal

– दुनिया ki सबसे बड़ी और जानीमानी ऑनलाइन भुगतान प्रणाली – इस्तेमाल करने वाले भारतीय
कारोबार मालिको के लिए यह एक बड़ा धक्का है |

RBI की अन्य कार्यवाही जो भारतीय खेल जुआरियो को नुकसान पहुंचा रही है

पहले, Neteller इस्तेमाल करने वाले भारतीय Neteller Plus नामक Visa या Mastercard के लिए निवेदन कर
सकते थे | इसके जरिये वे अपने खेल शर्त खाते से जीती हुई रकम स्थानीय ATM मशीन से निकल सकते थे | जबकि
neteller अभी भी एक बेंकिंग प्रणाली की तरह प्रयोग करा जा सकता है, RBI के नियम में परिवर्तन के द्वारा पूर्व खाते
धारियों को यह क्रूर सन्देश मिला |

कुछ समय के लिए लगा क़ि Entropay ही समाधान है, परन्तु मार्च 17 2011 को वही हुआ – Entropay
डेबिट कार्ड चलना बंद हो गए |

यदि आपको रूचि हो क़ि यह सब क्यों हुआ तो यह थ्रेड पढ़िए जहा कुछ चर्चा होती है | परन्तु इतना ही
जरुरी है क़ि आप जाने क़ि पिछले कुछ सालो में भारतीयों को उपलब्ध जमा विकल्प में काफी परिवर्तन
हुए है | सौभाग्य वश यह सब Sportsbetting पर उन दो लिंकों में सम्मिलित है |